विज्ञापन क्या होता है और इसका उपयोग कहां और कैसे किया जाता है

विज्ञापन का आज के जीवन में एक विशेष स्थान है | इसका प्रयोग विभिन्न कार्य के लिए किया जाता है | विशेषकर व्यापारी संस्थान अपने उत्पाद की बिक्री बढ़ाने और उसे लोकप्रिय बनाने के लिए इसका प्रयोग करते हैं अथवा इसका सहारा लेते हैं

विज्ञापन पढ़कर उपभोक्ताओं में उस वस्तु खरीदने की इच्छा जागृत होती है

साधारण व्यक्ति भी नौकरी, विवाह, जन्म, मृत्यु आदि अनेक कार्यों के लिए विज्ञापन का सहारा लेते हैं | ऐसे विज्ञापन वर्गीकृत विज्ञापन कराते हैं

राजनीतिक दल भी अपने अपने दल का प्रचार करने के लिए विशेषकर चुनाव के अवसर पर विज्ञापन का उपयोग करते हैं |

स्थानीय तौर पर भी कई बार विज्ञापनों का सहारा लिया जाता है | जैसे ढिंढोरा पीटकर या मुनादी करवाकर या स्थानीय द्वारा बांटे जाने वाले समाचार पत्र में रखे इश्तिहारो पर्चो द्वारा या लाउडस्पीकर द्वारा घोषणा करवा कर या दीवारों पर विज्ञापन लिखवा कर

विज्ञापन क्या होता है और इसका उपयोग कहां और कैसे किया जाता है

विज्ञापन के कार्य


उपभोक्ताओं को नवीनतम उत्पादों की सूचना देना |

उत्पाद की बिक्री में वृद्धि करने में सहायक होना |

प्रतिस्पर्धा उत्पन्न करते हैं |

कीमतों को स्थिर रखने में सहायक होना |

लोगों को नहीं नहीं वस्तुओं की जानकारी देना |

बेरोजगारी दूर करने में सहायक होना |

सामाजिक शुभ कार्य जैसे विवाह, गोष्ठी, पार्टी आदि की अशोक समाचारों की सूचना देना |

जनसाधारण को सरकारी कार्यक्रम, विधेयकों या योजनाओं की सूचना देना |

फैशन के बदलते रूपों का परिचय देना |

समाचार पत्रों, पत्र-पत्रिकाओं की आय का साधन होना

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विज्ञापन के गुण


एक अच्छे विज्ञापन में निम्नलिखित गुण होना चाहिए -

विज्ञापन ध्यान आकर्षित करने वाला हो |

विज्ञापन रुचि उत्पन्न करने वाला हो |

विज्ञापन इच्छा को तृप्त करने वाला हो |

विज्ञापन इच्छित उद्देश्य को पूरा करने वाला हो |

विज्ञापन संक्षिप्त किंतु पूर्ण होना चाहिए |

विज्ञापन सरल और आम बोलचाल की भाषा में होना चाहिए |

विज्ञापन के भाषा में अतिश्योकित और कृत्रिम का हो ना हो |

विज्ञापन समय अनुकूल होना चाहिए जैसे गर्मियों में पंखे कूलर का एव सर्दियों में हिट राधिका विज्ञापन होना चाहिए |

विज्ञापन में अपने उत्पादन के अवश्य के गुणों और विशेषताओं का उल्लेख अवश्य क्या किया जाना चाहिए |
विज्ञापन का शीर्षक आकर्षक होना चाहिए |

विज्ञापन के माध्यम


समाचार पत्र, पोस्टर लगाना, डाक द्वारा, रेडियो, टेलीविजन, सूची पत्र, सिनेमा, कैसेट्स, पारिवाहनों के ऊपर, दीवारों पर, रेल के डिब्बों में, लाउडस्पीकर, वस्तुओं के चित्र, प्रदर्शनीया, दुकानों के अकाउंट आदि

विज्ञापन का प्रारूप तैयार करना 


अंग्रेजी के Drafts शब्द के हिंदी पर्याय के रूप में प्राय 3 शब्दों - प्रारूप, आलेखन या मसौदा तैयार का प्रयोग किया जाता है | इन तीनों में प्रारूप शब्द का ही अधिक प्रचलन है

प्रारूप का अर्थ है पत्राचार का पहला या कच्चा रूप | पत्राचार की आवश्यकता को सबको पड़ती है | व्यक्तिगत पत्राचार में औपचारिकता नहीं होती | इसलिए इसका विधिवत प्रारूप तैयार करने की आवश्यकता नहीं होती | इसके विपरीत सरकारी तथा सामाजिक पत्राचार में औपचारिकता निभानी पड़ती है | इसलिए तैयार किया गया प्रारूप अधिकारी के पास संशोधित के लिए भेजे जाते हैं | पत्राचार के समान ही विज्ञापन का भी एक संतुलित प्रारूप तैयार करने की जरूरत होती है |

विज्ञापन का प्रारूप ऐसा होना चाहिए जो अपने आप में पूर्ण हो क्योंकि विज्ञापन के द्वारा नई नई वस्तुओं का परिचय उपभोक्ताओं को प्राप्त होता है | विज्ञापन का क्षेत्र बड़ा विस्तृत है | नौकरी के लिए, विवाह संबंध के लिए, बसों की बिक्री के लिए, संपत्ति बेचने खरीदने के लिए, कानूनी सूचना के लिए, राजनीतिक दलों के घोषणा पत्रों के लिए, शिक्षा के प्रचार प्रसार के लिए तथा जनसभा आदि के लिए विज्ञापन दिए जाते हैं